प्रिय तुम्हारा प्यार!
जैसे तमतमाती धूप में शीतल बयार,
जैसे उमस भरे मौसम में हल्की फुहार।
प्रिय तुम्हारा मिलन!
जैसे हाथों में चूड़ी के संग कंगन,
जैसे हवा में खुशबू के संग सुमन।
प्रिय तुम्हारी बात!
जैसे धूप के साथ बरसात,
जैसे चांद के साथ हो रात।
प्रिय तुम्हारी आवाज!
जैसे सुरों के संग साज,
जैसे खुशियों का अंदाज।
प्रिय तुम्हारा हास!
जैसे जीवन में उल्लास,
जैसे आजीवन मधुमास।
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