ज़िन्दगी भी कितनी अजीब होती है।
ना समझ आती है ना समझाई जाती है
जो समझ गया वो समझा नहीं पता
और जो ना समझा
इस ज़िन्दगी में उलझ जाता है।
हर दिन की एक नई कहानी
हर कहानी में नई जिंदगी ।
पुरू वर्मा(अनिक)
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