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हुनर

Rachna Panchpal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            समुन्दर नही.. जो आंसूओ के
        
                                                    
                            
दरिया को....समेट लू
बस थोड़ा सा....रोकर तुम...
देखो तो सही .
गले से लगा लेने का हुनर मुझमे है...

रचना
3 वर्ष पहले
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