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ग़ज़ल

Rahela Haider

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आए वह बहार  हो   गई
        
                                                    
                            
हर तरफ पुकार   हो  गई

चाॅन्द बादलों में छिप गया
आज उसकी  हार  हो गई

माॅन्ग में चमक उठी किरन
चाॅन्दनी   श्रृंगार   हो  गई

एक सांस और जी लिए
एक और उधार हो  गई

जब भी तेरा नाम ले लिया
नाव   नदी  पार  हो   गई

तूने जो ग़ज़ल कही सबा
ज़िन्दगी का सार हो गई

राहिला हैदर-

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4 वर्ष पहले
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