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माँ तो माँ है

Rajeev Mishra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आज भी पकड़ लेता हूँ माँ का आंचल
        
                                                    
                            
जब मैं डर जाता हूँ
आज भी माँ सहलाती है मेरे बालों को
जब मैं सो जाता हूँ
आज भी माँ बच्चों सा जिद करती हैं
मुझे खाना खाने को
आज भी माँ कहती है जल्दी आना
जब मैं बहार जाता हूँ
आज भी माँ खुद के हिस्से की रोटी बाँट देती है
कम खाकर
आज भी माँ मेरे बचपन की कहानी सुनती है
मेरे बच्चे को
फिर भी माँ मुझे बच्चों सा ही समझती है
माँ तो माँ है आज बहुत याद आती है माँ
माँ के बिना सिमट जाती है दुनिया .....

राजीव

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4 वर्ष पहले
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