शब्द के घाव
चाकू खंजर तीर और तलवार में हो रही थी लड़ाई
कौन ज्यादा गहरा घाव देता है भाई
पीछे बैठा शब्द
मुस्कुरा रहा था इन नादानों पर
इनके गहरे घाव तो भर जाएंगे समय आने पर
नहीं कोई औषधी और न ही है कोई निदान
यदि हमने किया घाव प्रदान ।।
राजीव रंजन शुक्ल
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