तन्हाई में कुछ इस कदर समय बर्बाद किया
कुछ अन्तर्मन को कुरेदा कुछ तुम्हें याद किया
मैं तो निकला था जमाने से लोहा लेने
पर मुझको खुद अपनो ने बर्बाद किया
आज के दौर में दुनिया में बड़ा नाम उनका
बेचकर अपना जमीर जिसने घर आबाद किया
खुद की बनाई बंदिशों में बंध के मत रह जाना ' रवि '
रौशन वो हुआ जिसने स्वयं को सीमाओं से आजाद किया
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