विज्ञापन

आपकी याद रोज आने लगी

Sachin Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गीत
        
                                                    
                            

आपकी याद अब रोज आने लगी….
ये दुश्वारियां भी सताने लगीं
आइये अब सनम, तुम चले आइये
मेरी धड़कन भी डूूब जाने लगी….

तेरे दीदार को ये तरसता है दिल
तेरी चाहत में ही से धड़कता है दिल
आओ मेरे सनम, मैं तुम्हें देख लूं
मर ना जाऊं कहीं, ये कहता है दिल
तेरी बाहों हो मेरा मरना सनम
देख दुनिया भी अब ताे कहने लगी...
आइये अब सनम, तुम चले आइये…..
मेरी धड़कन भी डूूब जाने लगी…..

आपकी याद अब रोज आने लगी
ये दुश्वारियां भी सताने लगीं
आइये अब सनम तुम चले आइये
मेरी धड़कन भी डूूब जाने लगी


प्यार मैंने किया तुुमको इतना सनम
चाहेगा ना तुम्हें कोई इतना सनम
रात दिन बस मुझे…. है तेरी आरजू
कब दोगे दर्श…. कहो इतना सनम
आ मैं सकती नहीं… मैं भी मजबूर हूं….
तेरी खामोशियां मुझको डसने लगीं
आइये अब सनम तुम चले आइये
मेरी धड़कन भी डूूब जाने लगी

आपकी याद अब रोज आने लगी
ये दुश्वारियां भी सताने लगीं
आइये अब सनम तुम चले आइये
मेरी धड़कन भी डूूब जाने लगी
अाप जो गर सनम अब मिले ना हमें
फिर कोई और शै भी मिले ना हमें
तेरे बिन जिंदगी मेरी बेकार है
फिर अगला जन्म भी मिले ना हमें
देख मेरी कहानी सरेआम है
सारी दुनिया भी अब तो कहने लगी
आइये अब सनम तुम चले आइये
मेरी धड़कन भी डूूब जाने लगी

आपकी याद अब रोज आने लगी
ये दुश्वारियां भी सताने लगीं
आइये अब सनम तुम चले आइये
मेरी धड़कन भी डूूब जाने लगी


प्यार है गर तुम्हें आज आज बतलाओं तुम
सारी दुुनिया को फिर अाज दिखलाओं तुम
है तुम्हें ये कसम ओ मेरे सनम
आज दुनिया को रुसवा कर जाओ तुम
तेरे आने को तरसे ये बाहें मेरी
देख सांसे अब तो ये जाने लगीं
आइये अब सनम तुम चले आइये
मेरी धड़कन भी डूूब जाने लगी

आपकी याद अब रोज आने लगी
ये दुश्वारियां भी सताने लगीं
आइये अब सनम तुम चले आइये
मेरी धड़कन भी डूूब जाने लगी


गीत सचिन कुमार सागर


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें। 
6 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all