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चांद खिलते

Santosh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिन में चाहे हमे भूल ही जाया करो।
        
                                                    
                            
पर चांद खिलते घूम ही जाया करो।

- संतोष उपाध्याय
2 वर्ष पहले
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