मां अंबे वैष्णो माता सबका काम बनाती है,
भर देती है जोली खाली जिस को गले लगाती,
हम भी मां की शरण में जाना चाहते हैं,
जो सो गया है ,भाग्य मारा उसको जगाना चाहते हैं।।
सीमा सूद
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