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मोहब्बत, मोटिवेशनल

Shashank Mishra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमें कोई नहीं अपना हुनर आबाद करता है।
        
                                                    
                            
ग़ज़ल के एक मिसरे पर जहाँ इरशाद करता है।

मुबारक हो मुहब्बत में मिला है शख़्स वो तुमको,
खुदा से हर कोई जिसके लिए फरियाद करता है।

मेरी दुनिया ही ग़म की है कि जिसमें ख़ुद मेरा ये दिल,
पुराने ज़ख़्म भरने पर नए ईजाद करता है।

बनाना दोस्त दुनिया में मगर ये ध्यान भी रखना,
कोई इमदाद करता है कोई बर्बाद करता है।

अगर फ़ुर्सत मिले तुमको तो उसको याद कर लेना,
जो लड़का रात भर मंचों से तुमको याद करता है।

- शशांक मिश्रा
 
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