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हम और हमारा जीवन

Shaurya Gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हम और हमारा जहान
        
                                                    
                            

आओ आज चलें हम ऐसे जहान मे
सोचा था जो हमने अपने अरमान मे
हो जहा सिर्फ ख़ुशियाँ और हम
जहा ना हो दुनिया का कोइ गम

लौट कर आऊँ मै जब
थका-हारा शाम को काम से
देखकर चेहरा तुम्हारा हो जाऊँ खुश
और तरों-ताजा अभिराम से

आकर्षित करो जब तुम, अपने आलिंगन शैली से
खो जाऊँ तुम-मे मैं इस खुशहाली से
हो जाए एहसास खूबसूरत वादीयों का
तोड़ दे बंदिशे सारी और बना दें माहौल खुशीयों का

दें-दें दुनिया को यह प्रमाण
नही मिटा सकते हमारे स्नेह को
चाहे हो कोई भी श्कस या पुराण।।

- शौर्य गुप्ता
(प्रवक्ता,कवि)





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7 वर्ष पहले
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