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मंजिल

Shital Varma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            घिस पीट कर ही सही हमे चलना होगा,
        
                                                    
                            
राहों के काटो से लड़ना होगा,
निराशा को देख मुस्कुराना होगा,
एक दिन मंजिल मिलेगा ,
यह बात कोशिशों को बताना होगा।

बड़े से आसमा में कोशिशों के तारे चमकाना होगा,
पर्वत को पार करके हारे मन को जिताना होगा,
उछलते मन को सब्र सिखाना होगा ,
एक दिन मंजिल मिलेगा ,
एक दिन तू भी उड़ेगा,
बस तेरे ख्वाबों को उम्मीदों का ताज पहनाना होगा।

तकदीर से भले हारे हो तुम ,
तुम्हे मेहनत को जिताना होगा,
धूल में सनकर तुम्हे महल बनाना होगा,
मुरझाए चेहरे को तुम्हे बताना होगा,
एक दिन तू भी खिलेगा,
बस तुझे तेरी कोशिशों को थोड़ा और बढ़ाना होगा।
3 वर्ष पहले
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Rajiv Tyagi

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