शुभ हो चंहुओर करें हम ऐसी आराधना
सर्वत्र हो सुख -शान्ति मन में है कामना
रोशन हो जग में जन कल्याण की भावना
समानता रहे अक्षम की न हो अवमानना
तिरोहित अंधकार हो ज्योति की बयार हो
हृदय में अनुभूत प्रेम का उदित प्रकाश हो
दहशत का अंधेरा मिटे ज्ञान का संवाद हो
तमस का प्रतिकार जगत का कल्याण हो
अनुगामनी सरसता बने प्रीत की लहर हो
जगतनियन्ता जगत में अब मैत्री भाव हो
- निहाल चन्द्र शिवहरे , झॉंसी
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