अदृश्य- सी वह शक्ति जो सदैव मेरे साथ है
पता है मुझे माँ, कि वह तेरा ही आशीर्वाद है
तेरा प्यार,तेरी ममता, तेरा स्नेह माँ निर्विवाद है
तू मेरी संगी,मेरी साथी ,मेरी ईश्वर प्रदत्त मुराद है
तू मेरा बल, संबल, मेरे जीवन का आल्हाद है
तू गीत है, संगीत है , मेरे जीवन का नाद है
मेरा घर, परिवार, मेरा संसार तुझसे आबाद है
तू पूजा ,अराधना, तू ईश्वर से साधा मेरा संवाद है
तू है तो जीवन में खुशी है, हर्ष है,उन्माद है
तू मेरे चेतन, अचेतन, मेरे अस्तित्व की बुनियाद है
हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।
आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।