कोरोना के काल में ,
चाहें जितनी भी हो काम।
पर तुम मत भूलना ,
करने को व्यायाम।
इसी से बचेंगे ,
हम सभी का प्राण।
यही है भईया , इलाज़ का रामबाण।
व्यायाम से उम्र बढ़े,
बढ़े मान- सम्मान। चाहे जितनी भी हो काम,
पर तुम मत भूलना, करने को व्यायाम।
सब दुखों का करले ये हरण,
सुखी समृद्ध जीवन का,
करता है ये वरन्,।
व्यायाम कर लेता है ,
सभी दर्द का अपहरण।
रोज तुम करो , इसका जतन।
इससे मिलती है , जिंदगी को एक,
नया आयाम, कर लो तुम व्यायाम।
इस महाविनाश का एक ही नाश है।
वह है भईया व्यायाम।
कर लो तुम व्यायाम।
चाहे सुबह करो या शाम,
पर ज़रूर करना ये ,
सबसे महत्त्वपूर्ण काम।
करलो तुम व्यायाम।
करलो तुम व्यायाम।