" भजन "
आज भगवान मेरे मंदिर में बसना
हरे राम ,हरे कृष्ण ,बोल मन रटना |
राम जी के प्रेम में सीता दीवानी
सीता के हाथों में गजरा निशानी |
गजरा पहिराके सीता कर लिया अपना
हरे राम ,हरे कृष्ण ,बोल मन रटना |
श्री राम जी के प्रेम में मीरा दीवानी
मीरा के हाथों में वीणा निशानी |
वीणा बजाके मीरा कर लिया अपना
हरे राम ,हरे कृष्ण ,बोल मन रटना |
राम के प्रेम में थी सबरी भी दीवानी
सबरी के हाथों में वेर निशानी |
वेर खिलाके सबरी कर लिया अपना
हरे राम ,हरे कृष्ण ,बोल मन रटना |
राम भेजने से दिल ना चुराना
इस जीवन का कोई ना ठिकाना |
इ जीवन है सूखी लकडिया
अग्नि लगे से जलि जाना |
इस जीवन का कोई ना ठिकाना
इ जीवन है कागज़ की नइया |
हवा लगे इसेउड़ि जाना
इस जीवन का कोई ना ठिकाना |
इ जीवन माटी का खिलौना
इसे जीवन का कोई ना ठिकाना |
-सूखमंगल सिंह
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