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पथप्रदर्शिका

Suman Kumari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            लडकियों की पथप्रदर्शिका थी जो
        
                                                    
                            
घर से निकल पाठशाला का रूख करवाया था जिन्होंने
पति ज्योतिबा संग शिक्षा की अलख जगाने चली थीं जो
तमाम बाधाओं पर पार पाते हुए,
पहली पाठशाला बालिकाओं की खोली थी जो
"खूब पढ़ो" सिखाने वाली, सावित्री बाई फूले थी वो


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5 वर्ष पहले
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