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प्रेम का गीत

Suren Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गीत प्रेम का गाते चलो
        
                                                    
                            
छोड़ राग और द्वेष भाव
गीत प्रेम के गुनगुनाते चलो।
आज यहाँ जो तेरा है
कल हो जाना किसी ओर का है
चार दिन की ये ज़िन्दगी
मिलकर साथ निभाते चलो
गीत प्रेम के गाते चलो।

- सुरेंदर कुमार (गोवा)
3 वर्ष पहले
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