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जंग का मैदान

Swapan kumar Mukherjee

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जीवन है एक जंग का मैदान,
        
                                                    
                            
जुझारू बनता हर एक इंसान,
अनेक इसके रूप रंग व्यवहार,
उमंग निश्चय कर्तव्य की फुहार,
डट कर हिम्मत से करना सामना,
लंबी फेहरिस्त भरी कर्म साधना,
हर पल जग से करना सतत संघर्ष,
कभी विश्वास का ज्वार तो कभी हर्ष,
शांत कल कल छल छल बहता नदी,
तो कभी साहिलों को तोड़े वेगवती,
जीवन का जंग शिक्षा ही काम आता,
आग में तप कर मानव कुंदन बनता,
यह जंग है समाज की कुरीतियों से,
है जीतना गर्व से रण के तरकशों से,
युवा का मनसूबा जवानी की रवानी,
जंग जीतता हुनर ज्ञान उन्नत पेशानी.
 
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4 वर्ष पहले
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