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कुछ देर मेरे पास...

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कुछ देर मेरे पास आकर बैठ जरा
        
                                                    
                            
टटोल कर देख लूँ और छू लूँ जरा
अपनी नजर से हाथो का काम लूँ
चेहरे को पकड़कर मैं चूम लूँ जरा
गलतियों की खाक छानती रही मैं
तुम्हारे सिर पर हथेली फेर लूँ जरा
गुमान की अग्नि में जलती रही मैं
'उपदेश' बहते आँसू पौंछ लूँ जरा

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
3 वर्ष पहले
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