बेहतरीन खेल मदारी का, देखते लोग।
गुरु चेले के संवादों पर, उछलते लोग।
जमूडा डर गया, जो जनता से आया।
उठ कर भागे भी कैसे, संभलते लोग।
कुछ तो बात होगी, मदारी में 'उपदेश'।
देखे गये हंसते, और ताली बजाते लोग।
उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद