कदमों से कुचली, दबी हुई सिगरेट
ज़िंदगी जैसे कि जली हुई सिगरेट
अम्मी से जले दिल की महक छुपाने को
जेब से झाँकती ज़रा छिपी हुई सिगरेट
इल्म जोख़िम-ए-जाँ का, फिर भी इश्क़
मौत के फोटो में ढकी हुई सिगरेट
रंगीन नज़ारे जब तक खुली हुई आँखें
फिर कफ़न के रंग में रंगी हुई सिगरेट
राख हो जाने की ख़्वाहिश-ए-'मशमूल'
बोझ में खुदी के झुकी हुई सिगरेट
- वन्दना 'मशमूल'
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