कहां गुम हो गया
मेरा वो बचपन?
वो स्कूलों मे जाना
वो किताबो का पढना।
वो मैदानों मे खेलना
और खेलों में लडना।
वापस न अब आयेगा
प्यारा वो बचपन
गम से थे बेगाने
जिन्दगी से अन्जानी।
न थी कोई परेशानी
थी मौजों की कहानी।
बस खेलना ,कूदना
और गाने से था मतलब
जिन्दगी क्या होगी
किया न था गौरतलब।
बडा ही प्यारा होता है
ये बचपन।
मीठी-मीठी यादों में
बीता ये लडकपन।
जिन्दगी हो जाये
कितनी भी बोझिल।
बचपन की यादें
भुलानी है मुश्किल।
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