न दिन न रात
न परिवार का साथ
न भूख न प्यास
कर्मवीरों ने रचा इतिहास
न अपनी कोई फिक्र
न अपनों का कोई ज़िक्र
मानवता की राह में
महामारी से बचाने की चाह में
कर्मवीरों ने कमर कस लिए
हम सुरक्षित रहें बस इसलिए
चिकित्सक हो या पुलिस का जवान
अस्पताल या दवा की दुकान
नर्स हो या सफाई कर्मचारी
मीडिया या प्रशासनिक अधिकारी
इन कर्मवीरों को सलाम है
अवाम के लिए ये मिसाल है
"कोरोना" और इंसान के बीच अड़े हैं
आज ये खुदा के रुप में खड़े हैं
ये हैं हिन्दुस्तान की आन, बान, शान
देश कभी न भूलेगा इनका बलिदान
ड़ॉ. वी. वैंकटेश
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