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अधूरे अल्फ़ाज़

Vikashnilmani Jha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कुछ राग तुम्हीं संग गाने है 
        
                                                    
                            
कुछ ख़्वाब तुम संग बिताने है 
हम बिछड़े हैं मिलने के लिए
अधूरे सपने जिन्हें सच बनाने है 

- विकाश नीलमणि

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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7 वर्ष पहले
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