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वक़्त

Vivek Dwivedii

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इक वक़्त ने कुछ ऐसा कर मुझे दिखा दिया,
        
                                                    
                            
था आसमां पर मेरा नाम उसको मिटा दिया

सिर्फ एक बार वक़्त और किस्मत जो मिल गए,
ज़र्रे को तारा और आफ़ताब को ज़र्रा बना दिया

इसके बन जाओ गुलाम और पाबंद,
ये कठिन वक़्त ने मुझे सीखा दिया

इक वक्त था जिसने मुझे अपाहिज सा कर दिया,
और इक वक़्त है जिसने उड़ना सिखा दिया |

- विवेक द्विवेदी
आई. आई. टी., कानपुर

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6 वर्ष पहले
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