विज्ञापन

प्रेम का गीत

Writter Inayat

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अपना दिल तुमको दिया था
        
                                                    
                            
डाल से फूल तोड़कर तुमको दिया था
अपनी खुशी की रेखा काटकर
तुम्हारी उदास जिंदगी से जोड़ा था
अपने रास्तो को काट कर
तुम्हारी मंजिलो से जोड़ा था
तुम्हारी धड़कनो को सुनने के लिए
अपनी धड़कनो को रोका था
तुम्हारी मुस्कान देखने के लिए
तुम्हारा आईना बना था
तुम्हारी मुहब्बत का कभी सबूत न मागा था
तुम्हारी मुस्कान की वजह न पूछा था
इस क़दर आपकी मुहब्बत पर यकीन था
बिन कस्ती समुंदर मे सफर किया था
और आज क्या हुआ था
आपकी मुहब्बत को
दीदार का ठिकाना बदलकर
किसी और की झोपड़ी मे ठिकाना बनाया था
मेरी वफा मुहब्बत को जला कर
उसकी झोपड़ी को रोशन किया था
जो तारे तेरे लिए जमीन पर बिछाया था
तेरे वास्ते आसमान की बद्दुआ ले रहा था
जिन मंजिलो तक तुझे पहुचाया था
आज उसका दर्बान तुमने मुझे बनाया था
2 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rajiv Tyagi

350 कविताएं

View Profile