06:07 AM, 02-Jun-2026
अमेरिका ने ईरान के रडार-कंट्रोल साइट्स पर किया हमला, सेंटकॉम ने कहा-आत्मरक्षा में की कार्रवाई
अमेरिका ने दावा किया है कि उसने शनिवार और रविवार को ईरान में रडार और ड्रोन कंट्रोल साइट्स पर हमले किए हैं। यूएस सेंट्रल कमांड -सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हफ्ते के आखिर में ईरान के गोरुक और केश्म आइलैंड में ईरानी रडार और ड्रोन कंट्रोल साइट्स पर आत्मरक्षा में हमला किया गया। इनको सेंटकॉम ने जवाबी कार्रवाई करार दिया है।
दरअसल, इससे पहले ईरान ने अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन यह कहते हुए मार गिराया था कि यह ड्रोन उनके समुद्री क्षेत्र में था। इसके बाद अमेरिकी लड़ाकू विमान तुरंत सक्रिय हुए और ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम, एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो ड्रोन को तबाह कर दिया। अमेरिका ने इन्हें वहां से गुजर रहे जहाजों के लिए खतरा बताया था। इस बीच कुवैत ने कहा कि उस पर ड्रोन-मिसाइल हमले किए गए जिन्हें उनके लक्ष्य तक पहुंचने से रोकने के लिए उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने कार्रवाई शुरू कर दी। ये हमले युद्धविराम प्रयासों के बीच नाजुक हालात दर्शाने वाले हैं। ईरान व अमेरिका दोनों ने सैन्य ठिकानों पर हमले कर एक-दूसरे पर आक्रामक कार्रवाई का आरोप लगाया है, जबकि 3 माह से जारी युद्धविराम के राजनयिक प्रयास थमते दिख रहे हैं। ईरान के होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ बरकरार रखने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित है।
ईरान द्वारा एमक्यू-1 ड्रोन मार गिराने के बाद अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों, एक जमीनी नियंत्रण केंद्र और दो ऐसे ड्रोन को नष्ट कर दिया जो क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहे पोतों के लिए स्पष्ट खतरा पैदा कर रहे थे। अमेरिकी वायुसेना प्रीडेटर ड्रोन को सेवा से हटा चुकी है। वह अब एमक्यू-9 रीपर ड्रोन उपयोग करती है लेकिन अमेरिकी थल सेना अब भी प्रीडेटर ड्रोन का उपयोग करती है। सेना ने कहा, कोई अमेरिकी हताहत नहीं हुआ है।
निश्चिंत रहें, सब ठीक हो जाएगा: ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार तड़के ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा, ईरान सचमुच समझौता करना चाहता है और यह अमेरिका एवं हमारे साथ खड़े देशों के लिए अच्छा समझौता होगा। बस निश्चिंत रहिए, अंत में सब ठीक हो जाएगा –हमेशा ऐसा ही होता है। उधर, ईरान ने कहा है कि समझौते को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। ट्रंप ने भी शनिवार की बैठक में यह तय नहीं किया कि युद्धविराम अवधि बढ़ाने पर आगे बढ़ना है या नहीं।
नवंबर में होने वाले कांग्रेस चुनावों से पहले ट्रंप पर होर्मुज स्ट्रेट को फिर खोलने व अमेरिकी तेल दाम घटाने का दबाव बढ़ रहा है। मतदाताओं में असंतोष के साथ ही ट्रंप को अपनी ही पार्टी के ईरान विरोधी नेताओं का विरोध झेलना पड़ रहा है। ऐसे में होर्मुज व ईरानी समृद्ध यूरेनियम पर ट्रंप का दबाव ईरान नहीं मान रहा। इनके अलावा भी दोनों पक्ष कई मुद्दों पर एकमत नहीं हैं।