महमूदाबाद (सीतापुर)। विकास खंड पहला की ग्राम पंचायत मेहरामऊ में प्रधान पति ने प्रधानमंत्री आवास योजना का पैसा लाभार्थी को बहला-फसलाकर अन्य खाते में ट्रांसफर करा लिया। इस मामले की जांच में जेई आरईएस ने मामला सही पाया। रिपोर्ट मिलने पर बीडीओ पहला ने जांच आख्या सीडीओ को भेज दी है।
विकास खंड पहला की ग्राम पंचायत मेहरामऊ निवासी राजेंद्र प्रसाद ने आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत की थी। शिकायत में कहा कि वर्ष 2016-17 में उसे प्रधानमंत्री आवास आवंटित हुआ था। आवास की पहली किस्त 40 हजार रुपये उसके इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा सिरौली में खाते में आई थी। किस्त आने पर प्रधान पति व वर्तमान में सहायक अध्यापक के पद पर शिक्षा विभाग में तैनात विजय कुमार उर्फ बबलू व इनके साथी कौशल ने उसे बैंक ले जाकर धोखे से वाउचर में अंगूठा लगवा लिया और 40 हजार रुपये उसके खाते से किसी अन्य खाते में ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित को बताया कि वह अपना आवास बनवाना शुरू करे और जब आवास आधा बन जाएगा, तब पहली व दूसरी दोनों किस्तें एक साथ आएंगी। राजेंद्र पहली किस्त का पैसा पाए बिना आवास बनाने लगा। दूसरी किस्त जल्दी मंगाने के नाम पर 12 हजार रुपये पीड़ित से नकद लिए गए। आधा आवास बन जाने पर दूसरी किस्त 70 हजार रुपये फिर उसके खाते में आई। दूसरी किस्त आते ही पुन: प्रधान पति व उसका साथी उसे लेकर बैंक पहुंचे और दूसरी किस्त की रकम भी अंगूठा लगवाकर किसी अन्य खाते में ट्रांसफर करवा ली। इस बीच प्रधान पति द्वारा आवास बनवाने के दौरान 58 हजार रुपये की सामग्री दिलाई गई। आवास बन जाने के बाद भी जब राजेंद्र को पैसा नहीं मिला तो उसने बैंक जाकर अपने खाते की पड़ताल की तो सारा मामला खुल गया। राजेंद्र ने आईजीआरएस के माध्यम से जिलाधिकारी समेत अन्य उच्चाधिकारियों को प्रार्थनापत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। मामले की जांच जेई पहला सुंदरलाल को सौंपी गई। जांच के दौरान आरोप सही पाए गए। जेई की जांच रिपोर्ट मिलने पर बीडीओ पहला सुमनलता मिश्रा ने जांच आख्या सीडीओ को भेज दी है।