बहराइच। जिला अस्पताल के उच्चीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। मार्च तक 200 बेड का उच्चीकृत अस्पताल जिला अस्पताल को मिल जाएगा। इससे मरीजों की सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी।
रेडियोलॉजी विभाग की स्थापना के साथ ही औषधि वितरण और रोगी पंजीकरण विभाग भी खुलेगा। रोगियों को न तो भर्ती होने के लिए इंतजार करना पड़ेगा न ही लाइन में लगना पड़ेगा।
व्यवस्थाएं मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर संचालित होंगी। जिला अस्पताल देवीपाटन मंडल का आदर्श अस्पताल है। इस समय जिला अस्पताल में 102 बेड हैं। यहां पर नेपाल, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर के रोगी पहुंचते हैं।
इस कारण जिला अस्पताल पर काफी दबाव होता है। भर्ती होने के लिए रोगी दो से तीन दिन तक इंतजार करते रहते हैं। अस्पताल प्रशासन की पहल पर शासन ने जिला अस्पताल के उच्चीकरण को हरी झंडी दी थी।
कवायद शुरू हुई। 29 करोड़ 14 लाख 15 हजार की लागत से भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। रंग-रोगन और खिड़की, दरवाजे लगाने का कार्य चल रहा है।
अमर उजाला से बातचीत में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण पांडेय ने बताया कि मार्च तक 200 बेड का उच्चीकृत अस्पताल जिला अस्पताल के सुुपुर्द हो जाएगा। इसमें 302 बेड की सुविधा होगी।
मरीजों को भर्ती होने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। सीएमओ ने बताया कि 200 अतिरिक्त बेड मिलने के साथ ही नवीन भवन में रेडियोलाजिस्ट विभाग स्थापित होगा।
इसके लिए नवीन पंजीकरण और औषधि वितरण विभाग भी स्थापित होगा। व्यवस्थाओं का संचालन मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। दरवाजे, खिड़कियां अधिकांश वार्डों में लग चुके हैं। कुछ कार्य अधूरा है, उसे पूरा कराया जा रहा है।
चिकित्साधिकारियों को भी मिलेंगे नए आवास
उच्चीकृत भवन के साथ ही कर्मचारियों और चिकित्साधिकारियों के लिए भी भवनों का निर्माण करवाया गया है। टाईप-ए के 20 आवास, टाईप-टू के 36 आवास, टाईप-थ्री के तीन और टाईप-4 के 23 आवास बनवाए गए हैं। चिकित्साधिकारियों के लिए 14 आवास निर्मित हुए हैं।
हर बेड तक होगी ऑक्सीजन की व्यवस्था
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण पांडेय ने बताया कि हर बेड तक ऑक्सीजन की व्यवस्था कराने के लिए पाइप लाइन भी बिछायी जाएगी, जिससे मरीजों को भटकने की जरूरत नहीं होगी। इस मामले में शासन को पत्र लिखा गया है।
कमियों के मामले में लिखा है पत्र
उच्चीकृत अस्पताल भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इस मामले में कार्य करा रहे कर्मचारियों ने भवन को माह भर पूर्व हैंडओवर करने को कहा था।
इसके बाद गठित टीम द्वारा भवन का मुआयना किया गया। कुछ कमियां सामने आईं। उसे दुरुस्त करने के लिए शासन को पत्र लिखा गया। दुरुस्तीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। मरीजों के भर्ती होने के साथ ही रेडियोलाजिस्ट, औषधि वितरण और पंजीकरण विभाग भी संचालित कर दिया जाएगा।
-डॉ. ओपी पांडेय, प्रभारी मुख्य चिकित्साधीक्षक