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बिजली कटौती से लोगों में त्राहि-त्राहि

Updated Sun, 24 Jun 2018 01:16 AM IST
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फैजाबाद। जिले में तापमान बढ़ने के साथ ही बिजली व पानी का संकट भी गहरा गया है। बिजली न मिलने से शहर से लेकर गांवों तक त्राहि-त्राहि मची है। हर बार की तरह पावर कॉरपोरेशन का वही रोना कि फाल्ट की वजह से कटौती की जा रही है। हालत यह है कि पूरी रात उपकेंद्रों की बिजली ब्रेकडाउन हो रही हैै। शुक्रवार की पूरी रात लालबाग उपकेंद्र पर बिजली नहीं रही। इससे करीब 50 हजार लोग रात भर अंधेरे में रहे। अमानीगंज फीडर का ट्रांसफार्मर खराब हो जाने के कारण आठ घंटे से अधिक लाइट प्रभावित रही। इससे 24 घंटे से अधिक समय तक शहरवासियों को पानी व बिजली की समस्या से जूझना पड़ा। दूसरी ओर ग्रामीण अंचलों में सिर्फ आठ घंटे लाइट मिल रही है।
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जिले का तापमान 41 डिग्री को पार कर चुका है। तेज धूप के चलते भीषण गर्मी में लोगों का जीना मुहाल हो गया है। ऐसे में बिजली की बार-बार हो रही कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालत यह है कि मुख्यमंत्री की ओर से अयोध्या नगर निगम को 24 घंटे लाइट देने की घोषणा के बाद कई फीडरों पर लगातार फाल्ट के नाम पर कटौती हो रही है। शुक्रवार की रात आठ-नौ बजे के आसपास अचानक शहर के लालबाग फीडर की बिजली गुल हो गई। पावर कॉरपोरेशन की टीम ने पट्रोलिंग शुरू की। रात भर जूझने के बाद पावर कॉरपोरेशन की टीम ने जैसे-तैसे फाल्ट को ढूंढा। आखिरकार स्थिति बहाल होते-होते सुबह हो गई। हालत यह रही कि रात भर लोग सड़कों पर व घरों की छतों पर टहलते व बैठे रहे। बत्ती गुल होने से करीब 50 हजार लोग गर्मी में बेहाल रहे। दूसरी ओर दिन में आमानीगंज फीडर के ट्रांसफार्मर खराब हो जाने से आधे शहर को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पावर कॉरपोरेशन ने जानकारी के बाद अमानीगंज फीडर पर नया ट्रांसफार्मर लगवाने की कवायद शुरू की। इस दौरान नौ घंटे से अधिक 40 हजार लोगों को बिजली की समस्या से जूझना पड़ा। इसके अलावा शहर के अन्य फीडर चौक, नियांवा, नाका, सिविल लाइन में भी दिन में चार घंटे से अधिक बिजली की कटौती की गई। इस सब के बीच गर्मी में अघोषित विद्युत कटौती के चलते लोगों में आक्रोश है। दूसरी ओर ग्रामीण अंचलों का भी यही हाल 24 घंटे से रहा। भरतकुंड में पिछले 24 घंटे में मात्र आठ घंटे लाइट मिली है। मिल्कीपुर व रुदौली में बिजली को कटौती से लोगों का कामकाज प्रभावित रहा।

गांवों के तालाबों में नहीं पानी
मानसून में हो रही देरी व तापमान के बढ़ते क्रम के साथ पेयजल संकट गहरा गया है। हालत यह है कि शहर से लेकर देहात तक के इलाके में वाटर लेवल घट गया है। शहर के देवकाली, नाका, सिविल लाइन के इलाके के बोरिंग बड़ी संख्या में फेल हो गए हैं। कुछ ऐसा ही हाल ग्रामीण अंचलों का भी है। पूरे मामले पर प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। हालत यह है कि देहात के अधिकांश तालाब सूखे हैं। प्रशासन की ओर से तालाबों में पानी भराने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। दूसरी ओर शहर के तालाबों पर पहले से अतिक्रमण है। साथ ही जल प्याऊ के लिए नगर निगम पर जलकल विभाग की ओर से कोई विशेष मशक्कत नहीं की जा रही है।
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आंधी के बाद अभी तक नहीं सुधरी बिजली व्यवस्था
शहर में एक सप्ताह पूर्व आई आंधी के बाद अभी तक विद्युत व्यवस्था पूरी तरह ढर्रे पर नहीं लौट पाई है। हालत यह है कि कई स्थानों पर विद्युत पोल अभी भी भूमि पर टूटे हैं। हालांकि पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों का दावा है कि व्यवस्था ढर्रे पर लौट आई है, लेकिन आंधी के बाद अयोध्या नगर निगम को निर्धारित 24 घंटे में से 18 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।

पुरानी पाइप लाइन में नहीं है पानी
शहर की पुरानी पाइप लाइन में पानी का अभाव है। हालांकि पुरानी आबादी के अधिकांश कनेक्शन इसी पाइप लाइन से जुड़े हैं। इसके चलते कई मोहल्लों में पेयजल की समस्या खड़ी हो गई है। शहर के रीड़गंज, हैदरगंज, पुरानी सब्जीमंडी, कसाबबाड़ा, दिल्ली दरवाजा, राठहवेली समेत कई मोहल्लों में शनिवार को पूरा दिन लोगों को पानी मयस्सर नहीं हो सका है। कुछ मोहल्लों में बिजली के अभाव में पानी नहीं आ रहा है।

फाल्ट की समस्या कई फीडरों पर आई हैं। पावर कॉरपोरेशन की टीमों ने बिजली व्यवस्था को बहाल किया है। कोशिश है कि फाल्ट को कम किया जाए और फाल्ट को तुरंत ठीक किया जाए।
- एएस रघुवंशी, अधीक्षण अभियंता, मध्यांचल विद्युत वितरण खंड
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