लखनऊ के मड़ियांव के फैजुल्लागंज मोतीपुरम में शनिवार को दिनदहाड़े घर पर अकेले रिटायर्ड रेलवेकर्मी 75 वर्षीय रमेश चंद्र सक्सेना की लूटपाट के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई।
बदमाश आलमारी में रखे करीब डेढ़ लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर और 36,000 रुपये नकद लूट ले गए। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे प्रॉपर्टी डीलिंग करने वाला बड़ा बेटा राजेश घर लौटा तो बेड पर पिता का शव पड़ा देख उसके होश उड़ गए। राजेश ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूटपाट के बाद हत्या की एफआईआर दर्ज कराई है।
राजेश ने बताया कि वह सुबह करीब 11 बजे पिता की दवा लेने के लिए चौक गया था। घर लौटने पर अपने कमरे में पहुंचा तो आलमारियां खुली पड़ी थीं और सामान बिखरा हुआ था। जबकि पिता रमेश चंद्र अपने बेड पर मृत अवस्था में पड़े हुए थे। मुंह में पायजामा ठूंसा हुआ था। गर्दन पर अंगौछा लिपटा हुआ था। उनकी नाक व मुंह से खून निकल रहा था।
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दिनदहाड़े लूटपाट और हत्या की खबर से इलाके में सनसनी मच गई। एएसपी ट्रांस गोमती दुर्गेश कुमार, सीओ अलीगंज डॉ. मीनाक्षी गुप्ता और मड़ियांव पुलिस मौके पर पहुंच गई। फॉरेंसिक टीम को बुलवाकर साक्ष्य जुटाए।
सिर्फ डेढ़ घंटे के लिए अकेले थे रमेश, परिचितों पर शक
जांच के दौरान पुलिसकर्मी
- फोटो : amar ujala
एएसपी ट्रांस गोमती ने बताया कि रमेश सिर्फ डेढ़ घंटे के लिए घर पर अकेले थे। रमेश के साथ घर पर उनकी पत्नी पुष्पा और बड़ा बेटा रमेश, एक निजी स्कूल में टीचर बहू नेहा तथा दो पोते रहते हैं।
मंझला बेटा सुधीर अपने परिवार के साथ पड़ोस के मकान में रहता है जबकि छोटा बेटा सुजीत पारा में रहकर बिजनेस करता है। रमेश की पत्नी पुष्पा चार-पांच दिन पहले चौक के पीर बुखारा निवासी बीमार बेटी पूनम को देखने गई हैं। शनिवार सुबह बहू नेहा व दोनों पोते स्कूल गए थे। राजेश दवा लेने चला गया।
एएसपी की आशंका है कि इस दौरान कोई परिचित ही घर आया और रमेश की हत्या करके लूटपाट की। हत्यारे मकान के बारे में अच्छी तरह से जानते थे। उन्हें यह भी पता था कि रुपये और जेवर कहां रखे हैं। पुलिस परिचितों और अक्सर घर पर आने-जाने वालों का ब्यौरा एकत्र कर रही है।
पड़ोस में घर के बाहर टहल रहे बेटे को भी नहीं लगी भनक
दिनदहाड़े हत्या और लूट की सनसनीखेज वारदात हो गई लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। रमेश के पड़ोस में रहने वाले मंझले बेटे सुधीर ने बताया कि करीब साढ़े दस बजे वह बेटे को लेकर घर के बाहर ही टहल रहा था।
एक घंटे तक वह घर के आसपास ही टहलता रहा लेकिन इस बीच किसी को पिता के मकान में घुसते हुए या बाहर जाते नहीं देखा। सुधीर की पत्नी पिंकी भी बाहर ही कुर्सी डालकर बैठी थी।
उसने बताया कि पिता के मकान से तेज आवाज में टीवी चल रहा था। हो सकता है कि बदमाशों ने ही टीवी चलाया हो। एएसपी ट्रांस गोमती का कहना है कि इलाके में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं जिससे हत्यारों की फोटो अथवा अन्य कोई मदद मिल सके।