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डौंडिया खेड़ा में खुदाई बंद, शोभन को अब भी विश्वास

टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Mon, 18 Nov 2013 10:25 PM IST
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डौंडियाखेड़ा में सोमवार को आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने खुदाई का काम बंद कर दिया। अब गड्ढे भरने का काम शुरू कर दिया गया है।
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23 दिन की खुदाई के बाद नाउम्मीद एएसआई ने यह निर्णय लिया है।

एसडीएम ने बताया कि गड्ढों को बंद करने में तीन-चार दिन लगेंगे।इधर संत शोभन सरकार ने फिर वहां सोना होने का अपना पुराना दावा उसी अंदाज में दोहराया है।

एएसआई के इस फैसले के साथ ही किले में 1000 टन सोना दबा होने का दावा हवा हवाई साबित हुआ।

टूटे बर्तनों के सिवा नहीं मिला कुछ
जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट और संत शोभन सरकार की ओर से चिन्हित जिन दो स्थानों पर एएसआई ने 6 मीटर से अधिक  गहरी खुदाई की गई थी वहां मिट्टी के टूटे बर्तनों के टुकड़े, हड्डियों के टुकड़े और लोहे की दो कीलों के अलवा कुछ नहीं मिला।

यानी पुरातात्विक दृष्टि से भी वहां कुछ महत्वपूर्ण सामग्री उत्खनन में हाथ नहीं आई।

एएसआई के अधिकारी सुरेंद्र यादव ने दिल्ली व लखनऊ के उच्चाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट भेजकर खुदाई बंद करने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने  पत्र की एक कॉपी डीएम को भी भेजी थी।
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शुरू कर दिया पैक अप
तीन दिन छुट्टी के बाद सोमवार को लखनऊ से एएसआई के अधिकारी यहां पहुंचे और दोनों ही गड्ढों की फोटो व वीडीयोग्राफी कराने के बाद उन्हें पाटने का काम शुरू कर दिया। एसडीएम विजय शंकर दुबे ने भी आगे और खुदाई न होने की पुष्टि की है।

डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि संत शोभन सरकार के शिष्य स्वामी ओम की ओर से भेजे गए पत्र पर तभी कुछ विचार किया जा सकता है जब एएसआई अपना काम बंद करके वापस लौट जाए।

संत का दावा, इसी किले में है खजाना
संत शोभन सरकार ने सोमवार को बक्सर आश्रम में मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि 1000 टन सोना इसी किले में है। उन्होंने कहा कि विज्ञान को चुनौती है कि वह सोना आरबीआई के खाते में भेजने की शर्त माने बगैर सोना निकाल ले।

शोभन ने कहा कि सरकार विज्ञान को जितना चाहे आजमा ले, लेकिन इसके बाद आध्यात्म को मौका दे। संत ने कहा कि ईश्वरीय शक्तियां स्वर्ण भंडार की सुरक्षा कर रही हैं।

न निकाल दूं सोना, तो दो सजा
उन्होंने कहा कि अगर स्वर्ण भंडार निकाल कर न दे दें, तो सरकार उन्हें जेल में डाल दे और जो चाहे सजा दे दे। कहा कि स्वर्ण भंडार न निकलने तक सरकार से पत्राचार जारी रहेगा। बताया कि एक केंद्रीय आईएएस से इस संबंध में सार्थक वार्ता भी हुई है।
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