इस बाबत बुधवार को शासनादेश जारी कर दिया। पंचायतों में तैनात सफाईकर्मियों को वेतनमान 5200-20200 रुपये और ग्रेड पे 1800 रुपये स्वीकृत किया गया है।
बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी लोकसभा चुनाव के नतीजों से बेहद निराश है अतः पार्टी किसी भी तरह अपना जनाधार बढ़ाना चाहती है। इसलिए आगामी एक, दो वर्षों में सरकार कई और लोकलुभावन फैसले कर सकती है।
बसपा का वोट पाना है मकसद
लोकसभा चुनाव में को मिली करारी हार के बाद समाजवादी पार्टी की सरकार अब अपना जनाधार बढ़ाने की मुहिम में जुटी है। चुनाव में बसपा का पूरी तरह से सफाया हो जाने के बाद सपा अब उसके वोट बैंक पर डोरे डालने में जुटी है।
दो दिन पहले निकायों के ठेका सफाईकर्मियों का मानदेय 120 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये प्रतिदिन करने के बाद अब सरकार ने पंचायतों के सफाईकर्मियों को नियमितीकरण का तोहफा दिया है।
ग्राम पंचायतों में 2008 में तत्कालीन मायावती सरकार ने 1,08,848 सफाई कर्मचारियों के अस्थायी पदों का सृजन करके तैनाती की थी।
सफाईकर्मी लंबे समय से नियमित किए जाने की मांग कर रहे थे। चुनाव नतीजे आते ही अखिलेश सरकार ने इनकी मुराद पूरी कर दी।
मिलेंगे अन्य भत्ते
पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव चंचल कुमार तिवारी की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार 2008 में पंचायतों में अस्थायी रूप से सृजित किए गए सफाईकर्मियों नियमित कर दिया गया है।
इन सभी को साथ ही समय-समय पर जारी शासनादेशों के अनुसार महंगाई भत्ता और अन्य भत्ते भी मिलेंगे। गौरतलब है कि पिछले महीने पंचायती राज विभाग की ओर से एक शासनादेश जारी करके अस्थायी रुप से काम कर रहे इन कर्मचारियों की सेवाएं 28 फरवरी 2015 तक बढ़ाए जाने की मंजूरी दी गई थी।
अप्रैल में जारी शासनादेश 21 मई 2014 तक ही प्रभावी माना जाएगा क्योंकि नया शासनादेश जारी होने की तिथि से सभी कर्मचारी नियमित हो गए हैं।
ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ ने फैसले पर जताई खुशी पंचायतीराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ ने सरकार के इस फैसले पर खुशी जाहिर की है। उत्तर प्रदेश पंचायतीराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश मंत्री रामेंद्र श्रीवास्तव और प्रांतीय कोषाध्यक्ष बसंत लाल गौतम ने नियमितीकरण के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पंचायतीराज मंत्री बलराम यादव का आभार व्यक्त किया है।