न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 06 Aug 2018 07:59 PM IST
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजू चौधरी के लिए पहला दिन ही बुरे अनुभव वाला रहा। अंजू चौधरी गोमती नगर स्थित आयोग के कार्यालय अपनी समर्थकों संग पहुंची थी।
हाथों में बुके लिए उनके समर्थक भूतल पर एक लिफ्ट में सवार हो गए। ओवर लोड होने के कारण जब लिफ्ट का दरवाजा नहीं बंद हुआ तो दो लोगों को उसमें से उतारा गया। इसके बाद किसी तरह दरवाजा तो बंद हो गया, लेकिन थर्ड फ्लोर पर जाने के लिए जब लिफ्ट का बटन दबाया गया तो वह ऊपर गई ही नहीं।
कई बार की मशक्कत के बाद जब लिफ्ट ऊपर नहीं गई तो उसके गेट को खोलने का प्रयास किया गया। लेकिन गेट भी लगभग 10 मिनट तक नहीं खुला। इसी बीच आयोग भवन की बिजली भी चली गई। जिससे लिफ्ट में अंधेरा छा गया।
इससे उपाध्यक्ष व अन्य महिलाएं घबरा गई। मोबाइल फोन से कॉल करके और गेट को पीट कर लोगों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया। लगभग 15 मिनट के प्रयास के बाद किसी तरह गेट खुला तो सभी लोग सीढ़ियों से राज्य महिला आयोग के तीसरे तल पर स्थित कार्यालय पहुंचे।