केंद्र की मोदी व प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के कितने भी दावे करे लेकिन ये वीडियो इन सबकी पोल खोल देता है। दरअसल, लखनऊ के बीकेटी तहसील में लेखपाल, नायब तहसीलदार के पेशकार व सहायक रजिस्टार कानूनगो का काम देख रहे एक कर्मचारी ने जमीनों के दाखिल खारिज के नाम पर अधिवक्ता से धन उगाही की।
इसका वीडियो मंगलवार को सोशल साइट पर वायरल हो गया। एसडीएम ने तहसीलदार से मामले की जांच कर रिपोर्ट तलब की है। अधिवक्ता राजेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि बीकेटी तहसील में तैनात कर्मचारी ने कई गांवों की जमीनों के दाखिल खारिज के नाम पर हर फाइल के दो हजार रुपये मांगे। पैसे न देने पर काम नहीं किया।
अधिवक्ता ने इसकी शिकायत 5 व 12 सितंबर को अधिकारियों से की। मुख्यमंत्री को भी प्रार्थना पत्र भेजा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। ऐसे में मजबूरन कर्मचारी को फाइलों के 16 हजार व निजी खर्च के दो हजार रुपये अलग से देने पडे़। हालांकि रकम लेते कर्मचारी का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल साइट पर वायरल कर दिया। इसके बाद से तहसील में हड़कंप मच गया।
एसडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। तहसीलदार प्रदीप यादव से जांच करवाकर आख्या तलब की गई है। जांच के आधार पर कार्यवाही होगी। उधर, वीडियो में दिख रहा कर्मचारी मंगलवार को तहसील से गायब रहा। मोबाइल पर भी उसने कॉल रिसीव नहीं की।