मोहाली। गांवों को साफ प्रशासन देने और पंचायतों के काम में पारदर्शिता लाने को पंजाब की सभी पंचायतों का ऑडिट किया जाएगा। जिसके लिए पंचों-सरपंचों व पंचायत सचिवों को चार्टर्ड अकाउंटेंट ट्रेनिंग देंगे। यह जानकारी पंचायतमंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा ने शुक्रवार को विकास भवन में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी।
रखड़ा ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने पंचायतों को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए ऑडिट कराने का प्रस्ताव दिया था। इसे लागू करने वाला पंजाब पहला राज्य है।
पंजाब सरकार ने केंद्रीय ‘कमेटी ऑन पब्लिक फाईनांस एंड गोवर्नमिंट एकाउंटिंग’ से तालमेल किया है। जिसकी आज यहां संयुक्त बैठक हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि इस कमेटी से जुड़े चार्टर्ड अकांउटेंट राज्यों की सभी पंचायतों को ट्रेनिंग देंगे। जिसके लिए 10-10 ब्लॉकों के ग्रुप बनाये गए हैं। प्रत्येक ग्रुप से संबंधित ब्लॉकाें की पंचायतों के सरपंच, पंच और पंचायत सचिवों की वर्कशाप लगाई जाएगी। सीए द्वारा ट्रेनिंग देने से जहां पंचायतें अपने आय के स्रोत जुटाएंगी, वहीं केंद्र और राज्य सरकार की ग्रांटों का भी सही इस्तेमाल होगा। जिससे पंचायतें आत्मनिर्भर बनेंगी। भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए पंचायतों के खाते ऑनलाइन किए जाएंगे। और डबल एंट्री सिस्टम आरंभ किया जाएगा। ट्रेनिंग के बाद भी सीए लगातार खाते चेक करेंगे। कमेटी के चेयरमैन अमरजीत अरोड़ा ने कहा कि पंचायतों को ट्रेनिंग दिए बिना ऑडिट संभव नही है। पंजाब के 147 ब्लॉकों को 10-10 के ग्रुप में बांट कर ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे पहले हुई कमेटी की मीटिंग में सुनील भसीन, शालिनी जिंदल, डॉ. निखिल साकेत, डीपी सिंगला ने ट्रेनिंग प्रोग्राम के बारे में जानकारी दी।