मोहाली। गमाडा द्वारा सेक्टर-88 में बनाए जाने वाले पूरब अपार्टमेंट्स से लोगों का मोह पूरी तरह भंग हो गया है। फ्लैटों के ड्रॉ के बाद दो महीने में ही 1700 के करीब लोगों ने अपने फ्लैट सरेंडर कर दिए हैं। वहीं, लोगों के इस फैसले से वेटिंग लिस्ट में रखे लोगों की किस्मत चमक गई है, जो कि काफी समय से शहर में अपना घर बनाने का सपना देख रहे हैं।
गमाडा सूत्रों की मानें तो लोगों के फ्लैट सरेंडर करने की कई वजह हैं। जिनमें सबसे बड़ी वजह तो फ्लैटों की कीमत है। क्योंकि जो कीमत फ्लैटों की रखी गई है। उसी आकार के फ्लैट मार्केट में कम कीमत पर उपलब्ध हैं। वहीं, इन फ्लैटों पर शर्त लगाई गई है कि यह पांच साल तक ट्रासफर नहीं होंगे। जिसके चलते भी लोग इससे पीछे हटे हैं। तीसरा जो नौकरों के लिए कमरा बनाया जाना है। वह फ्लैट से बिल्कुल साइड में है। जिसका लोगों को कोई फायदा नहीं है। गमाडा द्वारा अब फ्लैट सरेंडर करने वालों की कुल रकम की दस प्रतिशत काटी जा रही है।
गौरतलब है कि गमाडा द्वारा सेक्टर-88 में वनरूम, टू-रूम और थ्री बेड रूम बनाने की योजना शुरू की गई थी। यह फ्लैट अत्याधुनिक सुविधाओं पर आधारित हैं। इनमें गैस तक की सप्लाई पाइप लाइन से होनी है। गमाडा ने फ्लैटों की स्टडी करने के लिए एक टीम लखनऊ भेजी थी। जिसके बाद यह योजना शुरू की गई थी। पूरब अपार्टमेंट में देश के कई खिलाड़ियों और सेना के जवानों के फ्लैट भी निकले हैं।