मोहाली। उद्यमियों के संगठन मोहाली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन(एमआईए) के दोनों गुटों के बीच जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को आरपी सिंह गुट ने आरोप लगाए थे कि संविधान को दरकिनार कर पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई। रविवार को नए प्रधान गुरकिरपाल सिंह ने आरपी गुट पर पलटवार किया। उन्होंने पिछले रिकार्ड का हवाला देते हुए कहा कि संविधान की अनदेखी नहीं की गई। कुछ लोग जानबूझ कर संगठन का माहौल खराब कर रहे हैं। आरपी सिंह के लिए वाइस प्रेसिडेंट का पद सुरक्षित है, वे गिले-शिकवे दूर कर इसे स्वीकार करें।
गुरकिरपाल सिंह ने कहा कि कुछ सदस्यों ने गलत आरोप लगाए हैं, जिनमें पूर्व प्रधान भी शामिल हैं। बाईलॉज के मुताबिक किसी भी स्केल से प्रधान चुना जा सकता है, लार्ज स्केल से चुनने में कोई रोक नहीं है। स्माल स्केल को प्रतिनिधित्व देने की बात गलत है। आरपी सिंह को वाइस प्रेसिडेंट का पद ऑफर किया गया था। जोकि पदाधिकारियों के चुनाव की मीटिंग में मिनट्स में शामिल है। आरपी सिंह ने खुद ही यह पद ठुकरा दिया था। उन्होंने खुद पहले मिनट्स पर दस्तखत किए, बाद में कुछ लोगों के दबाव में कैंसिल कर दिए। एक ही स्केल से प्रधान व महासचिव चुने जाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि महासचिव पद पहले मीडियम स्केल को ऑफर किया गया था। पर उन्होंने नकारते हुए लार्ज स्केल से चुनने के लिए कहा। इससे पहले भी कई बार एक ही स्केल से प्रधान, महासचिव व उपप्रधान में से कोई दो पदाधिकारी चुने जा चुके हैं। गुरकिरपाल सिंह ने हवाला दिया कि वर्ष 2002-03 से लेकर 2006-07 और 2008-09 से लेकर 2011-12 तक की कार्यकारिणी में एक ही स्केल से दो प्रमुख पदाधिकारी लिए गए थे। एक अन्य आरोप पर उन्होंने सफाई दी कि स्माल स्केल कैटेगरी संगठन की रीढ़ की हड्डी है। पहली बार इस कैटेगरी के हितों के लिए खास कमेटी बनाई गई है।