पटियाला। मंदबुद्धि नाबालिग लड़की से कई बार दुराचार के दोषी एक बुजुर्ग को जिला एवं सेशन जज राजशेखर अत्री की कोर्ट ने सोमवार को सात साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी ठोका गया। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को एक साल की अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी पड़ेगी।
सदर समाना थाने के अधीन पड़ते गांव बादशाहपुर कालेका के रहने वाले कुलदीप सिंह (साढ़े 65) की गांव में ही परचून की दुकान थी। 15 जून 2012 को उसने 15 साल की मंदबुद्धि लड़की को घर में अकेला पाकर उसके साथ दुराचार किया। इसके बाद भी वह लड़की जब स्कूल जा रही होती थी, तो रास्ते में किसी चीज का लालच देकर वह उसे अपनी दुकान में ले जाता था और दुराचार करता था। करीब दो महीने बाद लड़की गर्भवती हो गई। जिससे उसके माता-पिता को अपनी लड़की के साथ जबरदस्ती होने संबंधी पता चला। पूछने पर लड़की ने बुजुर्ग के बारे में बताया। माता-पिता ने लड़की का गर्भपात करा दिया। बाद में मामला पुलिस के पास पहुंचा और चार अक्तूबर 2012 को आरोपी के खिलाफ 376 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया। सोमवार को इस केस की सुनवाई के बाद अदालत ने दोष साबित हो जाने पर बुजुर्ग को सात साल की सख्त कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी।