शिमला। पुलिस की गोली से युवक की मौत को लेकर शिमला ग्रामीण इंटक इकाई ने कड़ा आक्रोश जताया है। इकाई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय चौहान का कहना है कि गोली लगने के बाद घायल अवस्था में युवक को समय रहते अस्पताल नहीं पहुंचाया गया, जिससे खून बहने से युवक की मौत हो गई।
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गोली की सूचना बालूगंज थाना को मिलने के बावजूद समय रहते घटना स्थल पर एंबुलेंस नहीं मंगवाई गई। उन्होंने पुलिस कर्मियों पर नशे की हालत में युवकों पर गोलियां दागने का भी आरोप लगाया है। संजय चौहान का कहना है कि पुलिस कर्मी युवकों पर हमला करने का झूठा आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने पुलिस की संदेहास्पद कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए संबंधित पुलिस कर्मियों व बालूगंज थाना प्रभारी को तुरंत सस्पेंड करने की मांग की है। पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई न होने की स्थिति में शहर में चक्का जाम करने की चेतावनी दी गई है। संजय चौहान ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से पुलिस गोलीकांड की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है।