शिमला। तारादेवी गोलीकांड में मारे गए प्रिंस की मां कमला ने पुलिस से पूछा है कि दिल्ली में सभी हदें पार कर देने वाले दरिंदों को भी वर्दी वालों ने गोली नहीं मारी, तो फिर मेरे बेटे ने ऐसा क्या गुनाह कर दिया कि उसकी जान ही ले ली। मेरा बेटा संपन्न घर से था, उसे चोरी करने की जरूरत ही नहीं थी। पुलिस झूठ बोल रही है। अपने पाप को छिपाने के लिए पर्दा डाला जा रहा है। मैं बेटे को खो चुकी हूं पर अब न्याय पाने के लिए लडूंगी। मुझे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर पूरा विश्वास है कि वे मेरे बच्चे की जान लेने वाले दोषियों को चैन से नहीं बैठने देंगे।
पुलिस की लापरवाही से बेटा मौके पर तड़पता रहा। उसका खून बहता रहा और पुलिस तमाशबीन बन गई। पुलिस ने क्यों तुरंत एंबुलेंस नहीं मंगवाई। 108 को कॉल कर प्रिंस को क्यों अस्पताल नहीं पहुंचाया। मेरे बच्चे को समय से प्राथमिक उपचार मिल जाता तो वह यूं अपने बूढ़े मां-बाप को छोड़कर नहीं जाता। उन्होंने सरकार द्वारा गोलीकांड की न्यायिक जांच करवाए जाने के आदेशों और पहले से चल रही मजिस्ट्रेट जांच का स्वागत किया है।