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पुरानी पद्धति पर ही वसूला जाए प्रापर्टी टैक्स

Shimla Updated Sat, 23 Mar 2013 05:32 AM IST
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शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ‘अमर उजाला’ के 18 मार्च के अंक में ‘हजार गृहकर डिफाल्टरों को नोटिस’ शीर्षक से प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए नगर निगम शिमला को आदेश दिए हैं कि प्रापर्टी टैक्स को पुरानी कर प्रणाली के अनुसार ही एकत्र करे। अदालत ने भवन मालिकों को पुरानी कर प्रणाली के अनुसार हाउस टैक्स जमा करवाने को भी कहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि भवन मालिकों की ओर से जमा करवाई गई कर राशि नई कर प्रणाली के निर्धारण पर निर्भर करेगी। कर राशि के अंतर को समायोजित किया जाएगा।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश आरबी मिश्रा और न्यायाधीश राजीव शर्मा की खंडपीठ ने सचिव शहरी विकास विभाग को आदेश दिए हैं कि वह नगर निगम शिमला के महापौर और निदेशक शहरी विकास विभाग के साथ टैक्स निर्धारण के बारे में बैठक कर इस मुद्दे पर हुई प्रगति को शपथपत्र के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश करें। अदालत ने ‘अमर उजाला’ की ओर से जनहित में दूरगामी प्रभाव वाले इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित करने के लिए सराहा भी।

2012-13 में टैक्स नहीं वसूल सका नगर निगम
वर्ष 2012-13 में प्रापर्टी और हाउस टैक्स वसूली करने में नगर निगम नाकाम साबित हुआ है। फरवरी 2012 से राज्य सरकार ने शहर में हाउस और प्रापर्टी टैक्स वसूली यूनिट एरिया मेथड के तहत करने की अधिसूचना जारी की लेकिन निगम सदन को यह मेथड मंजूर नहीं होने के चलते पिछले एक साल में शहर में टैक्स वसूला नहीं जा सका है। नगर निगम की मौजूदा आर्थिक तंगी का यही एक बड़ा कारण भी माना जा रहा है। टैक्स से निगम को सालाना करीब 15 करोड़ की आय होती है।
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उपभोक्ता 10 प्रतिशत छूट प्राप्त करने से चूके
नगर निगम की ओर से प्रापर्टी टैक्स का तय समय पर एक साथ भुगतान करने पर उपभोक्ता को 10 प्रतिशत की छूट दी जाती है। बिल जारी करने के बाद छूट प्राप्त करने के लिए निगम तिथि तय करता है लेकिन 2012-13 के दौरान प्रापर्टी टैक्स वसूला नहीं जा सका। ऐसे में उपभोक्ता 10 प्रतिशत की छूट प्राप्त करने से भी चूक गए हैं।

साढ़े आठ करोड़ की होगी एमसी को आय
शहर में करीब साढ़े 12 हजार लोगों से नगर निगम प्रापर्टी टैक्स वसूलेगा। इससे निगम को करीब साढ़े आठ करोड़ की आय अर्जित होगी।

टैक्स के दायरे से बाहर रहेगा मर्ज एरिया
मर्ज एरिया के तहत आने वाले लोग टैक्स के दायरे में आने से बच गए हैं। ढली, टुटू, पटियोग (न्यू शिमला), कसुम्पटी, मल्याणा और चम्याणा में अभी तक टैक्स वसूलना शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में पुरानी टैक्स पद्धति के अनुसार शहर के 18 वार्डों में ही टैक्स वसूली होगी।
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