शिमला। एचआरटीसी के चालक-परिचालकों ने निगम से मान्यता प्राप्त ढाबों में खराब खाने की शिकायत प्रबंध निदेशक से की है। शिकायती पत्र में कहा गया है कि इन ढाबों का खाना खाकर ड्राइवर-कंडक्टर बीमार पड़ रहे हैं। दूषित खाना खाने से स्टाफ की तबीयत बिगड़ रही है और ड्यूटी करना मुश्किल हो रहा है।
एचआरटीसी से मान्यता प्राप्त ढाबों में यात्रियों से लूट खसोट जारी है। ढाबा संचालक मुख्य कार्यालय के बड़े अधिकारियों से जान पहचान की धौंस जमाकर बासी खाना खाने पर मजबूर कर रहे हैं। एचआरटीसी रिकांगपिओ डिपो कर्मचारी यूनियन ने क्षेत्रीय प्रबंधक के माध्यम से निगम के प्रबंध निदेशक को भेजे पत्र में समस्या का उल्लेख किया है। पत्र में बताया गया है कि रामपुर स्थित ढाबे में सवारियों व चालक-परिचालकों को दूषित खाना खिलाया जा रहा है। खाने की निमभन गुणवत्ता व मनमाने दामों को लेकर सवारियाें व बस स्टाफ में हर रोज नोंकझोंक हो रही है। एचआरटीसी कर्मचारियों ने समस्या के तुरंत समाधान की मांग करते हुए दो टूक कहा है कि खराब खाने के कारण यदि भविष्य में स्टाफ की तबीयत बिगड़ती है और रूट फेल होते हैं तो इसका जिम्मेदार निगम प्रबंधन होगा।
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हर रोज खाने में मीट मांगते हैं ड्राइवर-कंडक्टर
संबंधित होटल संचालक सत्य प्रकाश शर्मा का कहना है कि ड्राइवर-कंडक्टर हर रोज खाने के लिए मीट मांगते हैं। मीट न दिया जाए तो दूसरे दिन से बसें ही नहीं रोकते। संचालक का दावा है कि उनके होटल का खाना नंबर वन है।
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निरीक्षण के दिए हैं निर्देश : ओंकार
खाने की गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। ढाबों का निरीक्षण करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। ढाबा संचालकों को संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- ओंकार शर्मा
प्रबंध निदेशक, एचआरटीसी
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हरियाणा रोडवेज ढो रही सवारियां
निगम द्वारा मान्यता प्राप्त ढाबों में एचआरटीसी बसें भोजन के लिए रोकी जा रही हैं और रूट की सवारियां हरियाणा रोडवेज व प्राइवेट बसें उठा रही हैं। चालक परिचालकों की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया है कि रामपुर ढाबे में बसें रुकने से निगम की आय में भी कमी आ रही है।