शिमला। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के विवाद में शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा है कि उनकी न तो एचपीसीए में रुचि में है, न ही वह इसके अध्यक्ष बनना चाहते हैं। वह धर्मशाला से लौटने के बाद शुक्रवार को सचिवालय में अमर उजाला से बातचीत कर रहे थे। एचपीसीए मसले पर बाली और शर्मा की प्रेस वार्ता के संकेतों से इन अटकलों को हवा मिली थी।
सुधीर शर्मा ने कहा कि इन चर्चाओं का कोई आधार नहीं है कि वह एचपीसीए के अध्यक्ष बनना चाहते हैं। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार यह चाहती है कि क्रिकेट को क्रिकेट से जुड़े लोग ही चलाएं और आगे बढ़ाएं। इस पर किसी एक दल या परिवार का कब्जा नहीं होना चाहिए। सरकार का ये भी मत है कि जब तक एचपीसीए की नई इकाई का चुनाव नहीं हो जाता, जब तक बीसीसीआई के किसी पदाधिकारी को ही हिमाचल का प्रभार दे दिया जाए, ताकि वे खुद इस काम को देखें। सुधीर शर्मा ने कहा कि एक कैबिनेट मंत्री और विधायक के रूप में वह पहले ही बहुत व्यस्त और लोगों के प्रति जवाबदेह हैं, इसलिए वह कोई अन्य काम लेने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस चर्चाओं का कोई आधार नहीं है कि वह हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन में आने या अध्यक्ष बनने के इच्छुक हैं। सुधीर ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी खुद स्पष्ट कर चुके हैं कि सभी खेल संघों में पारदर्शिता बहाल की जाएगी, ताकि सभी खेलों का विकास हो।