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धरोहरों का म्यूजियम बनाएगा बनारस विवि

Shimla Updated Tue, 04 Mar 2014 05:31 AM IST
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शिमला। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. एके सिंह ने प्रदेश विवि को प्रस्ताव दिया कि बालूगंज स्थित विवि की जमीन पर शीघ्र भवन निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है। इस भवन की एक मंजिल में प्रदेश की प्रसिद्ध प्राचीनतम धरोहर को म्यूजियम के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के 150 से अधिक मंदिरों, प्राचीनतम धरोहरों, मूर्तियों और कलाओं का अध्ययन कर चुके हैं। इस मामले पर हिमाचल और बनारस हिंदू विवि को समझौता ज्ञापन जल्द हस्ताक्षरित करना चाहिए। वह विवि में दृश्य कला विभाग, दृश्य कला क्लब एवं ललित कला अकादमी नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में 2 दिवसीय कला व्याख्यान के उद्घाटन पर बोल रहे थे। कुलपति प्रो. एडीएन बाजपेयी ने कहा कि प्राचीनतम कलाओं का एक विशेष महत्व है। एक सफल कलाकार वही है, जो किसी भी रचना को कृति के रूप में उकेर देता है। देश में पुराने समय से ही कलाओं, मूर्तियों और कृतियों का विशेष स्थान रहा है। कला को व्यवसाय न बनाकर राष्ट्रीय संदर्भ में लाया जाना चाहिए। दृश्य कला के विभागाध्यक्ष प्रो. हिम चैटर्जी ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न विद्वान अपना व्याख्यान देंगे। इस दौरान अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. सुरेश कुमार, प्रो. मंजुला चतुर्वेदी, प्रो. आरएस शांडिल, प्रो. बीएस मड और प्रो. पीएन बंसल के अलावा विभाग के शोधकर्ता और छात्र मौजूद रहे।
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