शिमला। लोकसभा चुनाव के दौरान चुनावी रैलियों या जनसभाओं के आवेदनों पर फैसला जिला निर्वाचन अधिकारी को अब 36 घंटे के भीतर लेना होगा। ऐसे हर आवेदन पर इस अवधि के भीतर सूचना भेजी जानी जरूरी कर दी गई है। निर्वाचन आयोग ने उपायुक्त कार्यालय में इसके लिए एक सिंगल विंडो प्रणाली बनाने के आदेश दिए हैं। इसी प्रणाली के जरिये चुनाव संबंधी हर अनुमति दी जाएगी। चुनाव अधिकारी के कार्यालय में ही नियंत्रण कक्ष और टोल फ्री नंबर भी होगा, जिसका इस्तेमाल आम लोग भी कर सकेंगे। आचार संहिता के उल्लंघन और चुनाव खर्च संबंधी शिकायतें भी टोल फ्री नंबर पर की जा सकेंगी।
एक और नया प्रयोग इस बार ये होगा कि लोकसभा चुनाव के प्रत्याशी संपत्ति और आपराधिक रिकार्ड का ब्योरा देने के लिए हल्फनामा ऑनलाइन जमा करवा सकेंगे। इसके लिए समय सीमा मैनुअल हल्फनामे वाली ही होगी। प्रत्याशियों को हल्फनामे के जरिये नामांकन वाले दिन फार्म 26 भरना होता है। इस बार से ये फार्म 26 ई-फाइलिंग के जरिये भी दिया जा सकेगा। इसके लिए हर जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में व्यवस्था बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र चौहान ने बताया कि ये दोनों प्रक्रियाएं शुरू करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश भेजे जा चुके हैं। रैलियों और जनसभाओं के लिए स्थान देने की अनुमति सिंगल विंडो सिस्टम के जरिये दी जाएगी।
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हिमाचल में 7 मई को पेड हॉलीडे
भारत निर्वाचन आयोग ने कर्मचारियों को मतदान के दिन पेड हॉलीडे यानी वेतन के साथ अवकाश देने का आदेश दिया है। इस कारण हिमाचल में भी 7 मई को मतदान के दिन रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट 1951 की धारा 135बी के तहत अवकाश घोषित किया जाना है। राज्य सरकार मतदान से पहले इस बारे में अलग से आदेश जारी करेगी।