शिमला। आईजीएमसी में स्क्रब टाइफस से सीताराम (57) निवासी जिला बिलासपुर की मौत हो गई है। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने इसकी पुष्टि की है। बताया कि सीताराम नाम के मरीज की स्क्रब टाइफस से मौत हुई है। संदिग्ध मरीजों के टेस्ट किए जा रहे हैं। अब तक अस्पताल में 584 मरीजों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से 55 मरीजों में स्क्रब टाइफस के लक्षण पाए गए हैं। बुधवार को दो मरीज आए हैं। सबसे अधिक मरीज प्रदेश के ग्रामीण हलकों से आ रहे हैं। शिमला के अलावा बिलासपुर, मंडी, सोलन से मरीज आ रहे हैं।
लक्षण
तेज बुखार 104 से 105 तक जा सकता है
जोड़ों में दर्द और कंपकंपी के साथ बुखार
शरीर में ऐंठन, अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना
अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना
रोकथाम
शरीर में सफाई का ध्यान रखें
घर और आसपास के वातावरण को साफ रखें
घर के चारों ओर घास, खरपतवार न उगने दें
घर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें
ऐसे होता है स्क्रब टाइफस
यह रोग एक जीवाणु (रिकेटशिया) से संक्रमित पिस्सू (माइट) के काटने से फैलता है। जो खेतों, झाडि़यों और घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टाइफस बुखार पैदा करता है।