शिमला। एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति पदाधिकारियों के तबादले ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को कर्मचारियों ने मुख्यालय सहित जिला एचआरटीसी कार्यालय के बाहर गेट मीटिंग कर एमडी के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कर्मचारियों ने एचआरटीसी प्रबंध निदेशक अशोक तिवारी गो बैक के नारे लगाए। हाल ही में एमडी ने संयुक्त समन्वय समिति के पदाधिकारियों के तबादले दूर दराज क्षेत्रों में किए हैं। इससे कर्मचारियों में आक्रोश है।
संयुक्त समन्वय समिति ने एचआरटीसी मुख्य कार्यालय के बाहर गेट मीटिंग की। समिति के सचिव राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि प्रबंध निदेशक निजी रंजिश, बदले की भावना और कर्मचारियों में भय पैदा करने करने के लिए तबादले कर रहे हैं। बीते एक वर्ष कर्मचारियों ने मांगों को लेकर निगम प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया था। अब डेढ़ साल बाद 2016 में हुई हड़ताल का हवाला देकर एमडी कर्मचारियों का उत्पीड़न करने में तुले हैं।
समिति के अध्यक्ष देव राज ठाकुर ने गेट मीटिंग में कहा कि प्रबंध निदेशक की कारगुजारी का पर्दाफाश करने के लिए कर्मचारी जनजागरण अभियान चलाएगी। कर्मचारियों को पता है कि ढाबों से फ ीस एकत्रित कर निगम के खाते में जमा न करवाने के मामले को किसके इशारे पर दबाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में हुए प्रदर्शन के दौरान प्रस्ताव पारित किया है कि मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री और मुख्य चुनाव अधिकारी को एमडी की शिकायत की जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन कर्मचारियों का जनजागरण अभियान पूरे प्रदेश में तब तक जारी रहेगा जब तक प्रबंध निदेशक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती। एमडी के खिलाफ प्रदेशभर में प्रदर्शन करने के लिए समिति के पदाधिकारी रणनीति तैयार कर रही है।